हड़प्पा सभ्यता

सिंधु घाटी सभ्यता 


हड़प्पा
खोज वर्ष 1921 ई.
खोजकर्ता/उत्खनन कर्ता दयाराम साहनी एवं माधोस्वरूप वत्स
नदी रावी
वर्तमान स्थिति पाकिस्तान का माण्टगोमरी जिला
प्राप्त साक्ष्य श्रमिक आवास, सोने का बना हार, काजल की डिबिया, तांबे से बना पैमाना, हृदयाकार मनका, वृत्ताकार चबूतरा


मोहनजोदड़ो
खोज वर्ष 1922 ई.
खोजकर्ता/उत्खनन कर्ता राखालदास बनर्जी
नदी सिंधु
वर्तमान स्थिति पाकिस्तान के सिंध प्रांत का लरकाना जिला
प्राप्त साक्ष्य विशाल स्नानागार, विशाल अन्नागार, कांसे की बनी नर्तकी की मूर्ति, चांदी की अंगूठी, पुरोहित आवास, सभा भवन, पशुपति मूर्ति, सूती धागा


चन्हूदड़ो
खोज वर्ष 1934 ई.
खोजकर्ता/उत्खनन कर्ता गोपाल मंजूमदार
नदी सिंधु
वर्तमान स्थिति सिंध प्रांत ,पाकिस्तान
प्राप्त साक्ष्य गुरिया मनका बनाने का कारखाना ,लिपिस्टक , वक्राकार ईंट ,एक ईंट पर कुत्ते एवं बिल्ली के पैर के निशान,कंघा


लोथल
खोज वर्ष 1954 ई.
खोजकर्ता/उत्खनन कर्ता रंगनाथ राव
नदी भोगवा
वर्तमान स्थिति गुजरात का अहमदाबाद जिला
प्राप्त साक्ष्य अन्नागार ,गुरिया-मनका बनाने का कारखाना, रंगाई कुंड ,गोंदीबाड़ा (डाकयार्ड) ,हाँथी दाँत से निर्मित पैमाना ,अग्निवेदिकायें, पत्थर निर्मित वृत्ताकार चक्की के दो पाट, गुरिल्ला की मृणमूर्ति,युग्मित शवाधान


रोपड़
खोज वर्ष 1953 ई.
खोजकर्ता/उत्खनन कर्ता यज्ञदत्त शर्मा एवं बी. बी. लाल
नदी सतलज
वर्तमान स्थिति पंजाब ,भारत
प्राप्त साक्ष्य मानव के साथ कुत्ते को दफनाए जाने का साक्ष्य


कालीबंगा
खोज वर्ष 1953 ई.
खोजकर्ता/उत्खनन कर्ता बी. बी. लाल एवं बी.के. थापर
नदी घग्घर
वर्तमान स्थिति गंगानगर ,राजस्थान ,भारत
प्राप्त साक्ष्य हल जूते हुए खेत के निशान, अलंकृत ईंट के प्रमाण, एक ही खेत से दो फसल उगाने के साक्ष्य, अग्नि वेदिकायें, पक्की ईट


धौलावीरा
खोज वर्ष 1967 ई.
खोजकर्ता/उत्खनन कर्ता जे.पी. जोशी एवं आर. एस. बिस्ट
नदी मानहर एवं मानसर
वर्तमान स्थिति गुजरात का कच्छ जिला, भारत
प्राप्त साक्ष्य लंबा जलाशय, स्टेडियम, सूचना पट्ट का प्रमाण 


हड़प्पा सभ्यता से संबंधित मुख्य बिंदु


▶ हड़प्पा सभ्यता का समाज मातृसत्तात्मक था ।

▶ हड़प्पा सभ्यता के आर्थिक जीवन का मुख्य आधार "कृषि" था।

▶ सैन्धव सभ्यता का आकार-त्रिभुजाकार था।

▶ रेडियोकार्बन C" के अनुसार इस सभ्यता का काल 2350 -1750 ई. पू. (सर्वमान्य तिथि) माना गया है।

▶ हड़प्पा सभ्यता में शवों को दफनाने एवं जलाने की प्रथा प्रचलित थी।

▶ भारतीय पुरातत्व विभाग के महानिदेशक सर जान मार्शल के निर्देश पर 1921 ई. में दयाराम साहनी ने इस पुरास्थल की खोज की।

▶ पशुओं में कूबड़ वाला सांड सर्वाधिक महत्वपूर्ण पशु था और उसकी पूजा का प्रचलन था।

▶ इस सभ्यता में मातृदेवी की उपासना का प्रमुख स्थान था ।

▶ इस काल में मन्दिर के अवशेष नहीं मिले हैं।

▶ मुहरें अधिकांशत: सेलखड़ी की बनी होती थीं।

▶ हड़प्पा की लिपि, भाव-चित्रात्मक है। यह लिपि पंक्ति में दाएँ से बाएँ तथा दूसरी पंक्ति में बाएँ से दाएँ लिखी गई हैं। इस लेखन पद्धति को "ब्रुस्त्रोफेदम" कहा गया है। इसे अभी तक पढ़ा नहीं जा सका है।

▶ सैन्धववासियों के बर्तन मुख्यतः लाल या गुलाबी रंग के हैं।

▶ सैन्धव सभ्यता के लोगों को लोहे का ज्ञान नहीं था ।

▶ सिन्धु सभ्यता के अंतर्गत सर्वप्रथम नगर संस्कृति का विकास हुआ। 

▶ सिन्धु सभ्यता के नगर विश्व के प्राचीनतम सुनियोजित नगर हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि सम्पूर्ण नगर किसी संस्था के निर्देशानुसार बनवाये गये हैं।

▶ सामान्यतः मकान के दरवाजे मुख्य सड़कों पर न खुलकर गलियों में खुलते थे।

▶ सड़कें सीधी दिशा में एक दूसरे के समकोण पर काटती हुई नगर को अनेक वर्गाकार तथा चर्तुभुजाकार खण्डों में विभाजित करती थी।

▶ सिन्धु सभ्यता में सर्वाधिक चौड़ी सड़क मोहन जोदड़ों से प्राप्त हुई जिसकी चौड़ाई लगभग 10 मी. थी । पुराविदों ने इसे "राजपथ/प्रथम सड़क" की संज्ञा दी है।

सैंधववासी अपने मृतकों का तीन प्रकार से अंतिम संस्कार करते थे  ➠

1. पूर्ण शवाधान ➙ मृतकों को कब्र में दफनाने की परंपरा।
2. आंशिक शवाधान ➙ मृतक के शरीर को जंगल में रख देना जब पशु-पक्षी उसके माँस को खा लेते थे तो हड्डियों को दफना देना।
3. दाह संस्कार ➙ मृतक को जलाने की परंपरा।


▶ हड़प्पा के कब्रिस्तान का नाम पुराविदों ने - R-37 रखा है। यहाँ से कुल 37 कब्रें प्राप्त हुई हैं। यहाँ से प्राप्त एक कब्र में मृतक को लकड़ी के ताबूत में रखकर दफनाया गया है। ऐसी परम्परा सुमेरियन सभ्यता में प्रचलित थी।

▶ मोहनजोदड़ो से अभी तक कब्रिस्तान का प्रमाण नहीं मिला है।

▶ सैंधववासी विश्व में कपास के प्रथम उत्पादक थे। इसीलिए यूनानियों ने कपास का नाम सिन्डोन रखा है।

▶ भारत में सर्वाधिक सैन्धव स्थल गुजरात में पाए गए हैं।

▶सिन्धु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) कांस्ययुगीन सभ्यता थी।

▶ मोहनजोदड़ो को 'मृतकों का टीला' भी कहा जाता है।

▶ कालीबंगा का अर्थ 'काले रंग की चूड़ियाँ' होता है।

▶ कालीबंगा से प्राप्त बच्चे की एक खोपड़ी में छह छेद के निशान मिलते हैं। पुराविदों ने इसे शल्य चिकित्सा का प्रमाण माना है।

▶ हड़प्पा के टीले की सर्वप्रथम जानकारी चार्ल्स मैसन / मेसोन (Charles Mason) ने 1826 में दी।


हड़प्पा सभ्यता से संबंधित प्रश्नोत्तर

हड़प्पा सभ्यता की खोज किस वर्ष हुई थी

उत्तर – 1921, दयाराम साहनी ने की थी

सिंधु सभ्यता का पतन नगर अथवा बंदरगाह कौन सा था?

उत्तर – लोथल

सिंधु सभ्यता के घर किससे बनाए जाते थे?

उत्तर – पक्की ईटों से

हड़प्पा सभ्यता का प्रचलित नाम क्या है?

उत्तर – सिंधु घाटी की सभ्यता

हड़प्पा किस नदी के किनारे बसा है?

उत्तर – रावी नदी के किनारे

हड़प्पा सभ्यता का समाज कैसा था?

उत्तर – मातृसत्तात्मक

हड़प्पा सभ्यता का मुख्य व्यवसाय क्या था?

उत्तर – कृषि

मोहनजोदड़ो की खोज किसने की थी?

उत्तर – राखालदास बनर्जी ने 1922 में

मोहनजोदड़ो को किस नाम से जाना जाता था?

उत्तर – मृतकों का टीला

भारत में सर्वाधिक सेंधव स्थल कहां पाए जाते हैं?

उत्तर – गुजरात

सिंधु घाटी सभ्यता कैसी सभ्यता थी?

उत्तर – कांस्य युगीन

कालीबंगा का अर्थ क्या है?

उत्तर – काले रंग की चूड़ियां

मोहनजोदड़ो किस नदी के किनारे बसा था?

उत्तर – सिंधु

हड़प्पा वासी किस वस्तु के उत्पादन में सर्वप्रथम थे?

उत्तर – कपास (सिन्डन)

हड़प्पा एवं मोहनजोदड़ो के पुरातत्व खुदाई के प्रभारी कौन थे?

उत्तर – सर जॉन मार्शल

सैंधव सभ्यता की ईंटों का अलंकरण किस स्थान से मिला है?

उत्तर – कालीबंगा से

हड़प्पा वासी किस धातु से परिचित नहीं थे?

उत्तर – लोहा

किस पशु के अवशेष सिंधु घाटी सभ्यता में प्राप्त नहीं हुए हैं?

उत्तर – गाय

सिंधु घाटी सभ्यता किस युग से संबंधित है?

उत्तर – आद्य ऐतिहासिक युग से

हड़प्पा में एक उन्नत जल प्रबंधन प्रणाली का पता चलता है?

उत्तर – धोलावीरा से

हड़प्पा के मिट्टी के बर्तनों पर समानता किस रंग का उपयोग होता था?

उत्तर – लाल

सिंधु घाटी की सभ्यता के लोग किसकी पूजा करते थे?

उत्तर – पशुपति

मोहनजोदड़ो में सबसे बड़ी इमारत कौन सी है?

उत्तर - ग्रेट ग्रैनरी

विशाल स्नानागार कहां से मिला था?

उत्तर – मोहनजोदड़ो

हड़प्पा काल की मुद्राओं के निर्माण में मुख्य रूप से किस पदार्थ का उपयोग होता था?

उत्तर – टेराकोटा

हड़प्पा के निवासी कैसे थे?

उत्तर – शहरी

पैमाने की खोज ने यह सिद्ध कर दिया कि सिंधु घाटी के लोग माप तौल से परिचित यह खोज कहां से प्राप्त हुई थी?

उत्तर – लोथल

सैंधव सभ्यता का आकार कैसा था?

उत्तर – त्रिभुजाकार

सिंधु घाटी सभ्यता का सर्वाधिक मान्यता प्राप्त काल कौन सा है?

उत्तर – 2350 से 1750 ईसा पूर्व 

जूते हुए खेत कहां मिले थे?

उत्तर – कालीबंगा से

Share this Post Via:

Comments

Popular posts from this blog

Faith in Oneself, Brings Success

VOCABULARY SERIES 3

VOCABULARY 1

बौद्ध धर्म