जैन धर्म

महावीर स्वामी 

महावीर स्वामी संक्षिप्त विवरण
जन्म
कुंडग्राम वैशाली
 जन्म का वर्ष  540 ईसा पूर्व
 पिता  सिद्धार्थ
 माता  त्रिशला
 पत्नी  यशोदा
 पुत्री  अनुज्जा प्रियदर्शनी
 गृह त्याग  30 वर्ष की अवस्था में
 तपस्थल  जृम्भिक ग्राम
 कैवल्य  ज्ञान की प्राप्ति ,42 वर्ष में
 निर्वाण  468 ईसा पूर्व (पावापुरी)
 प्रथम सहयोगी  गोशाल

जैन महासंगीतियाँ


प्रथम द्वितीय
समय 322-298 ईसा पूर्व 512 ईसा पूर्व
स्थल पाटलिपुत्र वल्लभी
अध्यक्ष स्थूलभद्र देव ऋद्धिगणि(क्षमाश्रमण)
कार्य जैन धर्म दो भागो श्वेतांबर एवं दिगंबर में बंटा धर्म ग्रंथों को लिपिबद्ध किया

प्रमुख तीर्थंकर तथा उनके प्रतीक


तीर्थंकर प्रतीक
महावीर सिंह अथवा शेर
ऋषभदेव बैल अथवा वृषभ
अजितनाथ हाथी
अरिष्ट नेमी शंख
नेमिनाथ नीला कमल
पार्श्वनाथ सर्प फण

श्वेताम्बर तथा दिगम्बर में अंतर


श्वेताम्बर दिगम्बर
यह श्वेत वस्त्र धारण करते थे ये निर्वस्त्र रहते थे
इसके प्रवर्तक स्थूलभद्र थे इसके प्रवर्तक भद्रबाहु थे
इनके अनुसार 19 वें तीर्थंकर मल्लीनाथ स्त्री थे मल्लीनाथ पुरुष थे
इनके अनुसार महावीर स्वामी का विवाह हुआ था और उनके एक पुत्री भी थी इनके अनुसार महावीर स्वामी अविवाहित थे
ज्ञान प्राप्ति के बाद भी भोजन आवश्यक है ज्ञान प्राप्ति के बाद भोजन आवश्यक नहीं है

जैन धर्म से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य


जैन शब्द जिन् से बना हुआ है जिसका अर्थ है इन्द्रियों पर विजय प्राप्त करने वाला।

•जैन धर्म के आदि प्रवर्तक ऋषभदेव थे। इनका उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है। 

•जैन धर्म में कुल 24 तीर्थकर हुए, ऋषभ देव प्रथम तीर्थंकर थे। महावीर स्वामी जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर थे। इन्हें जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक माना जाता है।

•महावीर ने पाँच महाव्रतों के पालन का उपदेश दिया। ये पाँच महाव्रत हैं- सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह एवं ब्रह्मचर्य। इनमें से शुरू के चार महाव्रत जैन धर्म के 23वें तीर्थकर पार्श्वनाथ के थे, अन्तिम महाव्रत ब्रह्मचर्य स्वामी ने जोड़ा।

•जैन धर्म के 23वें तीर्थकर पार्श्वनाथ थे जिन्होंने निग्रंथ सम्प्रदाय की स्थापना की थी। इनके अनुयायी भी निग्रंथ (बँधनरहित ) कहलाते थे।

•जैन धर्म में कर्मफल से छुटकारा पाने के लिए त्रिरत्न का पालन करना आवश्यक माना गया है। ये त्रिरत्न हैं– सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान एवं सम्यक् आचरण ।

•महावीर स्वामी का पहला शिष्य इनका दामाद जमालि बना। जैन संघ से अलग होने वाला प्रथम व्यक्ति भी जमालि ही था।

•महावीर स्वामी की प्रथम भिक्षुणी चम्पा नरेश दधिवाहन की पुत्री 'चन्दना' बनी।

•महावीर स्वामी ने अपने उपदेश 'प्राकृत' भाषा में दिया। महावीर ने अनेक राज्यों में स्वयं जाकर धर्म प्रचार किया।

•महावीर की मृत्यु 72 वर्ष की अवस्था में पावापुरी (बिहार) के मल्ल शासक शस्तिपाल  के दरबार में हुई।महावीर स्वामी की मृत्यु के बाद जैन संघ का अध्यक्ष सुधर्मन बना ।

•वस्त्र पहनने और न पहनने के विवाद पर प्रथम जैन संगीति (बैठक) हुई। 

•भद्रबाहु के नेतृत्व ने दिगंबर (नग्न रहने वाले) भिक्षुओं का एक दल बना।

•स्थूलभद्र के नेतृत्व में श्वेताम्बर (श्वेत वस्त्र पहनने वालों ) का एक दल बना।

•जैन साहित्य को 'आगम' कहा जाता है।

•भद्रबाहु ने 'कल्पसूत्र' लिखा था।

•प्रभाचन्द्र ने “प्रमेय कमलमार्तण्ड" की रचना की थी।

•12 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद बिहार में जम्भिय ग्राम के निकट ऋजुपालिका नदी के किनारे एक शाल वृक्ष के नीचे इन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई।

•ज्ञान प्राप्ति के बाद महावीर स्वामी ने अपना पहला धर्मोपदेश राजगृह में 'बराकर नदी' के तट पर "विपुलचल पहाड़ी" में दिया।

•महावीर स्वामी के प्रधान शिष्यों को गणधर कहा जाता था। इनकी संख्या 11 थी।

•कर्मफल से विमुक्ति ही निर्वाण (मोक्ष) है। जैन धर्म में मृत्यु के बाद "निर्वाण" की प्राप्ति होती है।

•जैन धर्म में श्रावकों को निर्देश दिया गया है कि यदि वे किसी महान संकट से छुटकारा पाने में असमर्थ हैं तो उन्हें भोजन-पानी का त्याग कर प्राणों का अंत कर देना चाहिए। इसे ही जैन धर्म में 'संल्लेखना' कहा गया है।

•जैन धर्म स्यादवाद के सिद्धांत को स्वीकारता है। असत्य भाषण एवं वैचारिक मतभेदों से बचने के लिए स्यादवाद को जैन धर्म में स्थान दिया गया है।


 जैन धर्म से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर


• महावीर का जन्म कब हुआ था? 

उत्तर-- 540 ईसा पूर्व

• महावीर के पिता का नाम क्या था?

उत्तर- सिद्धार्थ

• महावीर की माता का नाम क्या था?

उत्तर-त्रिशला

• महावीर की पत्नी का नाम क्या था?

उत्तर- यशोदा

• महावीर ने गृह त्याग किस वर्ष में किया था?

उत्तर- 30 वर्ष की आयु में

• महावीर के तप स्थल का क्या नाम था?

उत्तर- जृम्भिक ग्राम, ऋजुपालिका नदी के किनारे

• जैन धर्म मैं कैवल्य का क्या अर्थ है?

उत्तर- ज्ञान की प्राप्ति

• महावीर को ज्ञान कब प्राप्त हुआ था?

उत्तर – 42 वर्ष की अवस्था में

• महावीर को निर्वाण कब प्राप्त हुआ था?

उत्तर- 468 ईसा पूर्व, पावापुरी में

• महावीर के प्रथम सहयोगी कौन थे?

उत्तर- गोशाल

• प्रथम जैन संगीति का आयोजन कहां हुआ था?

उत्तर – पाटलिपुत्र

• द्वितीय जैन संगीति का आयोजन कहां हुआ था?

उत्तर- वल्लभी

• जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर कौन थे?

उत्तर – ऋषभदेव

• जैन धर्म में कुल कितने तीर्थंकर हुए हैं?

उत्तर – 24

• जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक किसे माना जाता है?

उत्तर – महावीर स्वामी

• जैन धर्म में ब्रह्मचर्य व्रत को किसने जोड़ा?

उत्तर - महावीर स्वामी

• महावीर स्वामी की पुत्री का क्या नाम था?

उत्तर – अनुज्जा प्रियदर्शनी

• महावीर स्वामी के पहले शिष्य का क्या नाम था?

उत्तर – जमाली, जो महावीर स्वामी का दमाद था

• जैन संघ से अलग अलग होने वाला पहला व्यक्ति कौन था?

उत्तर – जमाली

• महावीर स्वामी की मृत्यु किस अवस्था में तथा कहां पर हुई थी?

उत्तर – 72 वर्ष में पावापुरी बिहार में

• किस जैन संगीति के परिणाम स्वरुप जैन धर्म दो भागों में बट गया?

उत्तर – प्रथम जैन संगीति

• मौर्य शासक चंद्रगुप्त मौर्य ने अपना प्राण किस विधि द्वारा त्यागा?

उत्तर - सल्लेखना पद्धति

• दिलवाड़ा के जैन मंदिरों का निर्माण किसने करवाया था?

उत्तर – चालूक्यों/सोलक्यों ने

• जैन साहित्य को क्या कहा जाता है?

उत्तर – आगम

• जैन ग्रंथ कल्पसूत्र के रचयिता कौन थे?

उत्तर – भद्रबाहु

• महावीर स्वामी ने अपने उपदेश किस भाषा में दिए थे?

उत्तर – प्राकृत भाषा में

• महावीर स्वामी का मूल नाम क्या था?

उत्तर - वर्धमान

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